छत्तीसगढ़

आधुनिक सिंचाई तकनीक के माध्यम से कृषि क्रांति की ओर अग्रसर

Shantanu Roy
14 Jan 2026 11:34 PM IST
आधुनिक सिंचाई तकनीक के माध्यम से कृषि क्रांति की ओर अग्रसर
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छग
Jashpur. जशपुर। कलेक्टर रोहित व्यास की अध्यक्षता में समृद्धि योजना कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन आधुनिकीकरण (एम-कैड) अंतर्गत जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति की द्वितीय महत्वपूर्ण बैठक विगत दिवस आयोजित की गई। बैठक में विशेष रूप से बगिया क्लस्टर में फार्मर रिलेशनशिप एजेंसी (एफआरए) की नियुक्ति, उसकी भूमिका, कार्यकाल, भुगतान प्रक्रिया तथा तकनीकी दायित्वों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर व्यास ने कहा कि एफआरए की नियुक्ति से सिंचाई परियोजना की जमीनी निगरानी, जल के
समुचित
उपयोग तथा किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन देने में बड़ी सहूलियत मिलेगी और यह परियोजना अपनी वास्तविक क्षमता के साथ धरातल पर उतरेगी। अधिकारियों ने बताया कि एफआरए के माध्यम से किसानों तक परियोजना से जुड़ी हर तकनीकी जानकारी, प्रशिक्षण तथा फील्ड-स्तरीय निगरानी की मजबूत व्यवस्था विकसित होगी, जिससे बगिया समृद्धि योजना का संचालन सुचारु एवं पारदर्शी रूप से हो सकेगा। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति के सभी सदस्य मौजूद रहे। बैठक में एफआरए नियुक्ति हेतु ईओआई (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) एवं आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) की प्रक्रिया पर यूएन-एफएओ से प्राप्त ड्राफ्ट बिंदुओं पर चर्चा कर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।

कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग को एफआरए नियुक्ति की संपूर्ण प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ कर समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि चयनित एजेंसी किसानों के साथ निरंतर संवाद रखेगी, सिंचाई परिसंपत्तियों के संचालन, जल उपयोग दक्षता, फसल विविधीकरण तथा नई तकनीकों के उपयोग में ग्रामीणों को मार्गदर्शन प्रदान करेगी। इससे पूर्व आयोजित प्रथम बैठक में परियोजना की रूपरेखा, किसानों के भूमि विवरण संकलन, समृद्धि चौपाल के माध्यम से जागरूकता तथा फसल विविधीकरण जैसे विषयों पर चर्चा की गई थी, लेकिन द्वितीय बैठक में एफआरए नियुक्ति को लेकर लिए गए निर्णयों ने परियोजना को वास्तविक क्रियान्वयन की दिशा में निर्णायक बढ़त प्रदान की है। कलेक्टर रोहित व्यास ने कहा कि बगिया समृद्धि एम-कैड योजना जशपुर जिले के लिए सिर्फ एक सिंचाई परियोजना नहीं, बल्कि हर बूंद से अधिक उत्पादन की सोच का प्रतीक है और इसके सफल क्रियान्वयन से जशपुर देश के लिए आधुनिक दाबित सिंचाई प्रणाली का मॉडल जिला बनेगा। उल्लेखनीय है कि यह परियोजना कांसाबेल विकासखंड के बगिया क्लस्टर में मैनी नदी पर प्रस्तावित बगिया बैराज सह दाबित उद्वहन सिंचाई योजना के माध्यम से लागू की जा रही है, जिसके लिए भारत सरकार द्वारा 95.89 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत बगिया, उसकुटी, रजोती, सुजीबहार, चोंगरीबहार, बांसबहार, डोकड़ा, सिकरिया, पतराटोली, गहिराडोहर, बीहाबल, नरियरडांड एवं ढुढुडांड सहित 13 ग्रामों के लगभग 8454 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें से 4831 हेक्टेयर खरीफ एवं 3623 हेक्टेयर रबी फसलों के लिए सिंचित होगा।
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